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महासमुंद जिले मे चल रहा है रेत का अवैध उत्खनन, रोज हो रहा है लाखो के रेत का उत्खनन और परिवहन, खनिज विभाग पर लग रहा है कमीशनखोरी का आरोप !

महासमुंद - पूरे छत्तीसगढ़ मे 15 अक्टूबर तक रेतघाट से रेत के उत्खनन पर छत्तीसगढ़ की सरकार ने प्रतिबंध लगाया है लेकिन महासमुंद के कई रेत घाट से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है ! शासन के आदेश को रेत माफिया ठेंगा दिखाकर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन कर रहे है! महासमुं जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर बरबसपुर रेत घाट मे रोज हजारो घन मीटर रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है और सकड़ों हाईवा माध्यम रोज बरबसपुर रेत घाट से रायपुर,दुर्ग सहित कई जगह परिवहन हो रहा है ! प्रति हाईवा 5000 रुपए रेत माफिया ले रहे है प्रतिदिन 100 हाईवा के हिसाब से 5 लाख रेत माफिया रोज कमा रहे है ! महासमुंद खनिज विभाग पर इस मामले मे कार्यवाही नहीं करने पर रेत के इस खेल पर कमीशन खोरी का आरोप ग्रामीण लगा रहे रहा है और बात भी सही है की रोज 5 लाख का खेल हो रहा है और जानकारी के बाद भी कार्यवाही नहीं हो रहा है तो मतलब साफ है !

महासमुंद जिले में मजदुर परेशान, मजदूरी करने के बाद भी नहीं मिल रही है मजदूरी, पढ़े पूरी खबर

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सराईपाली विधान सभा अंतर्गत रुर्बन क्लस्टर भवरपुर अंतर्गत भवरपुर ,बरतियाभाठा,उमरिया, उड़ेला , पलसापाली में 9 स्टाप डेम निर्माण का किया जा रहा है जिसका कार्य एजेंसी कृषि विभाग को बनाया गया है ! लेकिन इस स्टाप डेम निर्माण में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी भुगतान पिछले पांच महीने से नहीं मिल पाया मजदुर मजदूरी भुगतान नहीं मिलाने से परेशां है एक तो कोरोना माहमारी से कही काम यही मिल रहा है और पांच महीने पहले किये काम का मजदूरी भुगतान  नहीं मिल पाने से मजदूरों की आर्थिक स्थिति ख़राब हो रही है पांच  महीने के में सिर्फ 2  सप्ताह का मजदूरी भुगतान मिला है बाकी आज तक नहीं मिला है अधिकारी मजदूरों को आज कल में भुगतान हो जाने का  झूठा आश्वासन दे रहे थे इंतजार करते करते मजदूरों का सब्र का बाँध टूट गया और आज 80  की संख्या में मजदुर महासमुंद मुख्यालय पहुंचकर कृषि विभाग से मजदूरी देने की मांग करने लगे स्थिति ऐसा भी है की मजदरों के साथ साथ मजदरों से काम कराने वाले मेट...